पहली शबे क़द्र : 21 Ramzan Ki Ibadat;- नबी करीम सल्लल्लाहु अलेहि वसल्लम ने फ़रमाया : मेरी उम्मत में से जो मर्द या औरत यह इच्छा करे कि उसकी कब्र नूर से भर जाये तो उसे चाहिये कि रमजान के महीने मे कद्र की रातों में अधिक अल्लाह की इबादत करे ! ताकि उन मुबारक रातों की इबादत के बदले में अल्लाह पाक उसके आमाल नामे ( कर्मपत्र ) से बुराइयाँ मिटाकर नेकियों को लिख दे !
शबे कद्र की इबादत सत्तर हजार रातों की इबादतों से अफ़ज़ल है !
21 वीं रात में चार रकअत नफ़्ली नमाज़ दो सलाम से पढे ! हर रकअत मेँ सूर: फातिहा के बाद सूर: कद्र एक-एक बार और सूर: इख़्लास एक-एक बार पढे ! सलाम फेरने के बाद सत्तर मर्तबा इस्तिग़फार पढे ! अल्लाह ने चाहा तो इस नमाज़ और शब कद्र की बर्कत से उसकी मगफ़िरत हो जाएगी !
रमज़ानुल मुबारक की 21वीं शब को 21 मर्तबा सूर: कद्र पढना बहुत अफजल है ! 30 वीं रात को सूर: यासीन एक मर्तबा, सूर: रहमान एक मर्तबा पढनी बहुत अफ़ज़ल है !
21 Ramzan Mubarak
21 Ramzan Ki Ibadat
Nabi e Kareem Sallallaho Alaihi Wasallam Ne Farmaya . -Meri Ummat Mein Se Jo Mard Ya Aurat Yah Ichcha Kare Ki Uski Qabr Noor Se Bhar Jaye. To Use Chahiye Ki Mahe Ramzan Mein Qadr Ki Rato Mein Adhik Allah Ki Ibadat kare .
Taki Un Mubarak Rato Ki Ibadat Ke Badle Mein Allah Pak Uske Amal Name Mein Buraiya Mitakar Naikiyo Ko Likh De.
Shab e Qadr Ki Ibadat Sattar Hajaar – 70,000 Rato Ki Ibadat Se Afjal Hai .
21 Ramzan ki Raat Mein 4 Rakaat Nafl Namaz 2 Salaam Se Padhe . Har Rakaat Mein Surah Fatiha Ke Bad Surah Qadr 1×1 Martbaa Or Surah Ikhlas 1×1 Martbaa Padhe .
Salam Ferne Ke bad 70 Martbaa Istigfar Padhe. Allah Ne Chaha To Is Namaz or Shab e Qadr Ki Barqat Se Uski Maghfirat Ho Jayegi .
Ramzanul Mubarak Ki 21 Vi Shab Ko 21 Martbaa Surah Qadr Padhna Bahut Hi Afzal hai. 30 RamzanKi Raat Ko Surah Yasin 1 Martba , Surah Rahman 1 Martbaa Padhni Bahut Hi Afzal hai.
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